शुरु ने

महाप्रबू ने छ.य दिन ने सफाय संसार के आउर हुनथाने जोन कुछ बले आसे उन्चो सिरटी करलो| महाप्रभू ने धरती के बनालो हुनचो बाद धरती अंदरले ले भरून रहे आउर चिवचाव् पोडून रहे, आउर हुन्ताने काई बले निबनाऊ रोहत | मान्तर महाप्रभू चो आत्मा हुन पानी चो उपरे रहे |

तेबे महाप्रभू ने बल्लों" उजर हो'' तो उजर होउन गेला| तेबे महाप्रभू उजर के दखुन बल्ला नगत आय,आउर महाप्रभू ने उजर के दिन बल्लो महाप्रभू ने उजर के अनदार ले अलग करलो ; आउर अनदार के ''राती'' बल्लो | महाप्रभू ने सृष्टी चो पहले दिन ने उजर के बनालो की |

सृष्टी चो दुसर ने महाप्रभू ने बल्लो आउर धरती चो ऊपर बादरीके बनालो| शुरुने तीसर दिन, महाप्रभू ने बल्लो आउर पानी के सुकला भूई ले अलग करलो

महाप्रभु ने सुकला भूई के "बल्लो, मान्तर जोन पानी गोटक जगाह ने रुडा होउन रहे हुनके हुन ''समुनदर'' बल्लो |

तेबे महाप्रभू ने बल्लाआय ''धरती थाने सफ़ाय प्रकार चो लाटा बूटा अकरो' | आउर हुस्ने ही होली|महाप्रभू ने द्कलो कि जोन सृष्टी हुन करलोसे हुन नगतआय |

सिस्टी चो चार दिन महाप्रभु ने बल्लो, आउर बेर, जोन , आउर तारा मन के बनलो| महाप्रभु ने धरती के उजर देतो काजे आउर दिन आउर राती समय आउर साल चो चिना करतो काजे हुनके बनलो |

पाँच दिन, के महाप्रभू ने बल्लो आउर पानी ने पोहरतो बीती सोबु के आउर पोखी के बनालो|महा प्रभू ने द्खोलो की नगत आय आउर हुनके आशीष देलो |

सिस्टी के छ. दिन ने; महाप्रभू ने बल्लो' ''सफाय प्रकार के भुई चो जानवर होऊन जा' | आउर ऐ महाप्रभु ने जसन बल्लो उसन होली | काई जमीन ने रेंग्तो बीती काई बेड़ा बीती झारार पशु रहे| आउर महाप्रभु ने दकुन की ऐ नगत आय |

तेबे महाप्रभू ने बल्लाय हामी'' मनुक मन के आपलो असन ने हमचो जसन बनातोर आय उनचो लगे धरती आउर सफाय जीव जंतु उपरे अधिकार होऊ आय |

फिरले महाप्रभु ने काई माटी के धरला; आउर हुनके गोटक माने बनालो आउर हुनथाने जीवन चो साँस फुकुन देलाय ऐ माने चो नाम आदम रहे| महाप्रभू ने आदम के रहतो काजे गोटक फूल बाडी'. बनालो आउर हुनफूलबाड़ी के देख रेख करतो काजे हुनके हुता सगंगाउन देला

फूलबाड़ी चो मंजीगता ने महाप्रभु ने दुईठन अच्छाबीती गच- जीवनर गच आउर अच्छा आउर अड़रा चो गियान चो गच लगालोसे | महाप्रभू ने आदम के बल्लो कि हुन अचछा आउर अड़रा चो गियान चो गच्च चो फल के छाडून बाड़ी चो काई बल्ले गच्च चो फलके खाऊक सकिस |मानतर हुन ग्च्च चो फल के खादली जाले; तुई मरून जाऊआस |

फिर महाप्रभु ने बल्लो ''आदम चो एकला रहतोर नगत नोवआय |'' मान्तर पशु मनथानले कोनी बले आदम चो सहायक नि बनुक सकला |

हुनीकाजे महाप्रभु ने आदम के गोटक खुबे नींद ने डालून देला | तेबे महाप्रभु ने आदम चो पसलीमन थानले गोटक बायले के बनालो आउर हुनके आदम लगे नेलो |

तेबे आदम ने हुनके द्कलो ; आउर बल्लो ;'' सरासरी धाय | ऐ मोचो जसन आय | हुन मानेले बनली से हुनी काजे से हुनीकाजे बायले चो नाम ने जनुक होऊआय|'' हुनी काजे की गोटक माने आपलो बुआ आउर आया के छाडून भाती आपलो बायले संगे गोटकी रहुआत |

महाप्रभु ने अपलो रूप ने माने आउर बायले के बनालो आउर महाप्रभु ने द्क्लो की ऐ नगत आय| हुन हुनके आशीष देलो आउर हुन के बल्लो , कितलो बेटामन आउर नाती नतरा के जन्मा हा आउर धरती | नेभरून जहा''

सह्पाय बनालो सिस्टी के छ. दिन ने तेबे सात दिन इला; महाप्रभु ने आपलो काम के पूरा कररुन | हुनिकाजे महाप्रभु ने जोन कुछ हुन करते रहे हुन सफायले विश्रआम करलो | हुन सातदिन के आशीष दिलो आउर हुनके पवित्र बनालो कसन बलले ऐ दिन महाप्रभु ने आपलो काम ले विश्राम करलो | असनि ही महाप्रभु ने ऐ संसार आउर सफाय जोन कुछ हुन्ताने आसे बनालो।

बाइबल चो कहनी ने : उत्त्पति १-